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UP Birth Certificate Online 2026: उत्तर प्रदेश में जन्म प्रमाण पत्र घर बैठे कैसे बनाएं?

Written By Dilshad Ahmad
Published: 10 October 2026 • 09:19 AM IST
UP Birth Certificate Online 2026: उत्तर प्रदेश में जन्म प्रमाण पत्र घर बैठे कैसे बनाएं?

उत्तर प्रदेश में बच्चे का Birth Certificate यानी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब कई सेवाओं में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। इस प्रमाण पत्र का उपयोग स्कूल में प्रवेश, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं, पहचान से जुड़े कामों और अन्य जरूरी दस्तावेजों में किया जा सकता है। लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने का सही तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि जन्म अस्पताल में हुआ था या घर पर, जन्म का पंजीकरण पहले से हो चुका है या अभी तक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।

उत्तर प्रदेश में जन्म पंजीकरण के लिए Civil Registration System (CRS) का उपयोग किया जाता है। CRS के आधिकारिक पोर्टल पर उत्तर प्रदेश उन राज्यों में शामिल है जहां पात्र मामलों में आम नागरिक जन्म या मृत्यु की घटना रिपोर्ट कर सकते हैं। अस्पताल में हुए जन्म के मामले में अस्पताल द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से शुरू की गई हो सकती है, इसलिए नया आवेदन करने से पहले रिकॉर्ड की स्थिति जांचना जरूरी है।

UP Birth Certificate 2026: जरूरी जानकारी

जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सबसे पहले यह पता करें कि जन्म का पंजीकरण हुआ है या नहीं। यदि रिकॉर्ड पहले से दर्ज है, तो प्रमाण पत्र प्राप्त करने या डाउनलोड करने का तरीका अपनाएं। यदि रिकॉर्ड दर्ज नहीं है, तो जन्म की जगह और समय के अनुसार CRS पोर्टल, संबंधित नगर निकाय या स्थानीय जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार की प्रक्रिया अपनानी होगी।

UP Birth Certificate 2026: Overview

दस्तावेज का नामBirth Certificate / जन्म प्रमाण पत्र
राज्यउत्तर प्रदेश
संबंधित प्रणालीCivil Registration System (CRS)
आवेदन का तरीकापात्र मामलों में ऑनलाइन रिपोर्टिंग और संबंधित रजिस्ट्रार के माध्यम से पंजीकरण
कौन आवेदन कर सकता है?माता-पिता, परिवार का पात्र सदस्य या नियमों के अनुसार सूचनादाता
जन्म पंजीकरण की सामान्य अवधिजन्म के 21 दिनों के भीतर
ऑनलाइन पोर्टलCRS Birth Registration Portal

सबसे पहले पता करें: जन्म प्रमाण पत्र पहले से बना है या नहीं

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले यह जांचना जरूरी है कि बच्चे के जन्म की जानकारी पहले से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं। कई बार अस्पताल जन्म की सूचना संबंधित रजिस्ट्रार को भेज देता है, लेकिन माता-पिता के पास प्रमाण पत्र की कॉपी नहीं होती। ऐसी स्थिति में नया जन्म पंजीकरण करने के बजाय पुराने रिकॉर्ड को खोजने या प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

आपकी स्थिति क्या करें?
अस्पताल में जन्म हुआ और पंजीकरण हो चुका हैअस्पताल या संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से रिकॉर्ड की जानकारी लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त करें।
घर पर जन्म हुआ और रिकॉर्ड दर्ज नहीं हैCRS पोर्टल पर पात्रता जांचकर जन्म की सूचना रिपोर्ट करें या स्थानीय रजिस्ट्रार से प्रक्रिया की पुष्टि करें।
जन्म को काफी समय बीत चुका हैदेरी से पंजीकरण के नियमों के अनुसार संबंधित रजिस्ट्रार और सक्षम अधिकारी से संपर्क करें।
प्रमाण पत्र में नाम या विवरण गलत हैनया पंजीकरण करने के बजाय रिकॉर्ड में सुधार की निर्धारित प्रक्रिया अपनाएं।

घर बैठे UP Birth Certificate Online Apply कैसे करें?

यदि जन्म घर पर हुआ है और उसका पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, तो CRS के आधिकारिक पोर्टल से प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प और पात्रता के अनुसार ही ऑनलाइन रिपोर्टिंग करें। यदि पोर्टल आपके मामले को ऑनलाइन स्वीकार नहीं करता या अतिरिक्त सत्यापन मांगता है, तो संबंधित स्थानीय जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से संपर्क करना होगा।

  1. CRS Birth Registration Portal खोलें।
  2. पोर्टल पर उपलब्ध General Public या संबंधित नागरिक विकल्प देखें।
  3. यदि आवश्यक हो, तो मोबाइल नंबर और ईमेल की मदद से रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करें।
  4. Birth Registration या Report Birth का विकल्प चुनें, यदि वह आपके मामले के लिए उपलब्ध हो।
  5. जन्म की तारीख, जन्म स्थान, बच्चे और माता-पिता से संबंधित जानकारी सही-सही भरें।
  6. पोर्टल द्वारा मांगे जाने पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  7. फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी विवरण जांच लें और आवेदन या रिपोर्टिंग नंबर सुरक्षित रखें।
  8. यदि आगे सत्यापन या रजिस्ट्रार की मंजूरी मांगी जाए, तो संबंधित निर्देशों का पालन करें।

ध्यान दें: CRS पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि हर मामले में प्रमाण पत्र तुरंत अपने आप बन जाएगा। विवरण का सत्यापन और पंजीकरण संबंधित रजिस्ट्रार की प्रक्रिया के अनुसार पूरा होता है।

अस्पताल में जन्म हुआ है तो क्या करें?

यदि बच्चे का जन्म सरकारी या निजी अस्पताल में हुआ है, तो सबसे पहले अस्पताल के Birth Registration Desk या रिकॉर्ड विभाग से संपर्क करें। अस्पताल द्वारा जन्म की सूचना संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार को भेजी गई हो सकती है।

यदि अस्पताल बताता है कि जन्म की सूचना भेज दी गई है, तो पंजीकरण की स्थिति और प्रमाण पत्र प्राप्त करने के तरीके के बारे में पूछें। यदि रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो अस्पताल से जन्म संबंधी प्रमाण या डिस्चार्ज रिकॉर्ड लेकर संबंधित स्थानीय रजिस्ट्रार से संपर्क करें। अपने आप एक नया रिकॉर्ड दर्ज कराने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे दोहरे पंजीकरण की समस्या हो सकती है।

शहरी क्षेत्र में संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत का जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय लागू हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित स्थानीय रजिस्ट्रार की पहचान अपने ब्लॉक, ग्राम पंचायत या स्वास्थ्य केंद्र से की जा सकती है। सही कार्यालय जन्म के वास्तविक स्थान के आधार पर तय होता है।

Birth Certificate के लिए जरूरी दस्तावेज

दस्तावेजों की सूची जन्म के स्थान, पंजीकरण की स्थिति और आवेदन की अवधि के अनुसार बदल सकती है। सामान्य रूप से नीचे दिए गए रिकॉर्ड मांगे जा सकते हैं। अंतिम सूची संबंधित पोर्टल या रजिस्ट्रार से जरूर जांचें।

  • अस्पताल में जन्म होने पर अस्पताल का Birth Report, डिस्चार्ज स्लिप या जन्म संबंधी रिकॉर्ड।
  • माता और पिता का पहचान प्रमाण, जहां आवश्यक हो।
  • माता-पिता का पता प्रमाण, यदि मांगा जाए।
  • बच्चे की जन्म तारीख और जन्म स्थान से संबंधित प्रमाण।
  • घर पर जन्म होने पर उपलब्ध सहायक प्रमाण और सूचना देने वाले व्यक्ति का विवरण।
  • देरी से पंजीकरण के मामले में निर्धारित आवेदन, शपथपत्र, अनुमति या अन्य दस्तावेज, जैसा लागू हो।

हर मामले में सभी दस्तावेज अनिवार्य हों, ऐसा जरूरी नहीं है। आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल या संबंधित कार्यालय से अपने मामले की दस्तावेज सूची की पुष्टि करें।

जन्म के 21 दिन बाद Birth Certificate कैसे बनेगा?

जन्म पंजीकरण सामान्य रूप से जन्म की तारीख से 21 दिनों के भीतर कराया जाना चाहिए। यदि इस अवधि में पंजीकरण नहीं हुआ है, तो मामले को सामान्य समय-सीमा वाले आवेदन की तरह नहीं माना जा सकता। देरी की अवधि के अनुसार अतिरिक्त शुल्क, अनुमति, शपथपत्र या सक्षम अधिकारी का आदेश आवश्यक हो सकता है।

देरी की अवधि सामान्य प्रक्रिया
जन्म के 21 दिनों के भीतरसामान्य पंजीकरण प्रक्रिया।
21 दिन से अधिक, लेकिन 30 दिनों के भीतरनियमों के अनुसार विलंब शुल्क लागू हो सकता है।
30 दिनों से अधिक, लेकिन एक वर्ष के भीतरनिर्धारित अनुमति, दस्तावेज और विलंब शुल्क की आवश्यकता हो सकती है।
एक वर्ष से अधिकलागू कानून के अनुसार सक्षम अधिकारी के आदेश और सत्यापन की प्रक्रिया आवश्यक हो सकती है।

ऊपर दिया गया विवरण सामान्य कानूनी ढांचा समझाने के लिए है। उत्तर प्रदेश में आपके मामले पर लागू प्रक्रिया, शुल्क और सक्षम अधिकारी की पुष्टि स्थानीय जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से करें। पुराना जन्म रिकॉर्ड नहीं होने पर केवल ऑनलाइन फॉर्म भरने से पंजीकरण पूरा होना सुनिश्चित नहीं होता।

UP Birth Certificate Download कैसे करें?

यदि जन्म पहले से पंजीकृत है, तो प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सबसे पहले यह पता करें कि रिकॉर्ड किस रजिस्ट्रार या स्थानीय निकाय के पास दर्ज है। प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की सुविधा संबंधित पोर्टल और पंजीकरण रिकॉर्ड की उपलब्धता पर निर्भर करती है।

  1. अपने जन्म पंजीकरण की रसीद, पंजीकरण नंबर या उपलब्ध रिकॉर्ड की जानकारी तैयार रखें।
  2. CRS पोर्टल या संबंधित नगर निकाय के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध Certificate Search या Download विकल्प देखें।
  3. मांगी गई जानकारी भरकर रिकॉर्ड खोजें।
  4. रिकॉर्ड मिलने पर उपलब्ध डाउनलोड या प्रिंट विकल्प का उपयोग करें।
  5. यदि रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं मिलता, तो संबंधित रजिस्ट्रार से रिकॉर्ड खोजने और प्रमाण पत्र जारी कराने की प्रक्रिया पूछें।

ध्यान रखें कि जन्म प्रमाण पत्र डाउनलोड करने और नया जन्म पंजीकरण कराने की प्रक्रिया अलग-अलग हैं। यदि रिकॉर्ड पहले से मौजूद है, तो सामान्यतः नया पंजीकरण कराने के बजाय मौजूदा रिकॉर्ड से प्रमाण पत्र प्राप्त करने की कोशिश करें।

Birth Certificate में नाम या जन्म तारीख गलत हो तो क्या करें?

यदि जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे का नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तारीख या कोई अन्य विवरण गलत है, तो नया जन्म पंजीकरण न कराएं। संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के पास रिकॉर्ड में सुधार की निर्धारित प्रक्रिया पूछें। सुधार के लिए मूल रिकॉर्ड, पहचान दस्तावेज और सही जानकारी को साबित करने वाले प्रमाण मांगे जा सकते हैं।

कौन-सा बदलाव किस प्रमाण के आधार पर किया जा सकता है, यह लागू कानून और संबंधित अधिकारी के सत्यापन पर निर्भर करता है। किसी एजेंट के इस दावे पर भरोसा न करें कि बिना रिकॉर्ड जांचे हर तरह का बदलाव ऑनलाइन किया जा सकता है।

Important Links

सेवा Official Link
CRS Birth Registration PortalApply / Report Birth
CRS Birth & Death Certificate InformationView Details
Uttar Pradesh e-District ServicesView Government Service Information
UP Urban Local Body Birth ServicesFind Official Service

Frequently Asked Questions (FAQs)

1. क्या उत्तर प्रदेश में जन्म प्रमाण पत्र खुद ऑनलाइन बनवा सकते हैं?

पात्र मामलों में CRS पोर्टल पर जन्म की सूचना ऑनलाइन रिपोर्ट की जा सकती है। लेकिन पंजीकरण और प्रमाण पत्र जारी होना संबंधित रजिस्ट्रार की प्रक्रिया पर निर्भर करता है। अस्पताल में हुए जन्म के लिए पहले अस्पताल या संबंधित कार्यालय से रिकॉर्ड की स्थिति जांचें।

2. UP Birth Certificate का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल कौन-सा है?

जन्म की सूचना रिपोर्ट करने के लिए CRS का आधिकारिक पोर्टल यहां उपलब्ध है। प्रमाण पत्र प्राप्त करने या पुराने रिकॉर्ड की खोज के लिए संबंधित स्थानीय निकाय की प्रक्रिया भी लागू हो सकती है।

3. घर पर जन्म हुआ है, तो क्या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर प्रदेश CRS पोर्टल पर शामिल राज्यों में है और पात्र घरेलू जन्म की सूचना ऑनलाइन रिपोर्ट करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। पोर्टल के निर्देशों का पालन करें और आवश्यकता होने पर संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से संपर्क करें।

4. जन्म प्रमाण पत्र कितने दिनों में बन जाता है?

प्रमाण पत्र जारी होने का समय रिकॉर्ड की उपलब्धता, दस्तावेजों और सत्यापन पर निर्भर करता है। इसलिए सभी आवेदनों के लिए एक निश्चित समय बताना सही नहीं होगा। आवेदन या रिपोर्टिंग नंबर से संबंधित कार्यालय में स्थिति पूछें।

5. जन्म के एक साल बाद प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है?

देरी से पंजीकरण के लिए विशेष प्रक्रिया लागू हो सकती है। एक वर्ष से अधिक समय बीतने पर लागू कानून के अनुसार सक्षम अधिकारी का आदेश और सत्यापन आवश्यक हो सकता है। संबंधित स्थानीय रजिस्ट्रार से अपने मामले की प्रक्रिया और दस्तावेजों की पुष्टि करें।

6. जन्म प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए कौन-सी जानकारी चाहिए?

यह संबंधित पोर्टल पर निर्भर करता है। पंजीकरण नंबर, जन्म तारीख, बच्चे या माता-पिता का विवरण जैसी जानकारी मांगी जा सकती है। यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो संबंधित रजिस्ट्रार से संपर्क करें।

7. क्या जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए Aadhaar अनिवार्य है?

हर स्थिति में Aadhaar को अनिवार्य दस्तावेज मानना सही नहीं है। आवश्यक पहचान और सहायक दस्तावेज संबंधित आवेदन प्रक्रिया और लागू नियमों के अनुसार तय होते हैं। पोर्टल या रजिस्ट्रार द्वारा मांगे गए दस्तावेजों की सूची जांचें।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सबसे पहले जन्म के रिकॉर्ड की स्थिति और जन्म के स्थान का पता लगाएं। घर पर जन्म हुआ है और पंजीकरण नहीं हुआ, तो CRS पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन रिपोर्टिंग विकल्प जांचें। अस्पताल में जन्म होने पर अस्पताल और संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से रिकॉर्ड की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।

यदि जन्म पंजीकरण में देरी हो चुकी है, तो सामान्य आवेदन के बजाय लागू विलंबित पंजीकरण प्रक्रिया अपनाएं। सही दस्तावेजों और आधिकारिक पोर्टल की मदद से प्रक्रिया शुरू करें और आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरण ध्यान से जांचें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। ऑनलाइन उपलब्ध सेवाएं, दस्तावेजों की शर्तें, विलंब शुल्क और अनुमोदन प्रक्रिया मामले तथा स्थानीय रजिस्ट्रार के अनुसार अलग हो सकती हैं। आवेदन करने से पहले CRS पोर्टल और संबंधित सरकारी कार्यालय के निर्देशों की पुष्टि करें।

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